10: प्रेमचंद की कहानी "पंच परमेश्वर" Premchand Story "Panch Parmeshwar"
Kahani Suno | कहानी सुनो (कहानियों व उपन्यासों का संसार)

10: प्रेमचंद की कहानी ”पंच परमेश्वर” Premchand Story ”Panch Parmeshwar”

2018-06-06
इसके बाद कई दिन तक बूढ़ी खाला हाथ में एक लकड़ी लिये आस-पास के गाँवों में दौड़ती रहीं। कमर झुक कर कमान हो गयी थी। एक-एक पग चलना दूभर था; मगर बात आ पड़ी थी। उसका निर्णय करना ज़रूरी था। बिरला ही कोई भला आदमी होगा, जिसके सामने बुढ़िया ने दुःख के आँसू न बहाये हां। किसी ने तो यों ही ऊपरी मन से हूँ-हाँ करके टाल दिया, और किसी ने इस अन्याय पर जमाने को गालियाँ दीं ! कहा-क़ब्र में पाँव लटके हुए हैं, आज मरे कल दूसरा दिन; पर हवस नहीं मानती। अब तुम्हें क्या चाहिए ? रोटी खाओ और अल्लाह का नाम लो। तुम्हें अ...
View more
Comments (3)

More Episodes

All Episodes>>

Get this podcast on your phone, Free

Create Your Podcast In Minutes

  • Full-featured podcast site
  • Unlimited storage and bandwidth
  • Comprehensive podcast stats
  • Distribute to Apple Podcasts, Spotify, and more
  • Make money with your podcast
Get Started
It is Free