19: प्रेमचंद की कहानी "स्वत्व रक्षा" Premchand Story "Swatwa Raksha"
Kahani Suno | कहानी सुनो (कहानियों व उपन्यासों का संसार)

19: प्रेमचंद की कहानी ”स्वत्व रक्षा” Premchand Story ”Swatwa Raksha”

2018-10-13
लेकिन मुंशी जी भी चतुर खिलाड़ी थे। तुरंत घर से थोड़ा-सा दाना मँगवाया और घोड़े के सामने रख दिया। घोड़े ने इधर बहुत दिनों से दाने की सूरत न देखी थी ! बड़ी रुचि से खाने लगा और तब कृतज्ञ नेत्रों से मुंशी जी की ओर ताका, मानो अनुमति दी कि मुझे आपके साथ चलने में कोई आपत्ति नहीं है। मुंशी जी के द्वार पर बाजे बज रहे थे। वर वस्त्राभूषण पहने हुए घोड़े की प्रतीक्षा कर रहा था। मुहल्ले की स्त्रियाँ उसे विदा करने के लिए आरती लिये खड़ी थीं। पाँच बज गये थे। सहसा मुंशी जी घोड़ा लाते हुए दिखायी दिये। बाजेव...
View more
Comments (3)

More Episodes

All Episodes>>

Get this podcast on your phone, Free

Create Your Podcast In Minutes

  • Full-featured podcast site
  • Unlimited storage and bandwidth
  • Comprehensive podcast stats
  • Distribute to Apple Podcasts, Spotify, and more
  • Make money with your podcast
Get Started
It is Free